Thursday, 13 May, 2010

गज़ल "हिन्दी"

एकाध प्याला पिने कि तमन्ना है तेरे संग
कुछ ही पल जीने कि तमन्ना है तेरे संग

आशाएं आती जाती है जिन्दगीकी सफ़र मैं
मेहक गर्म सिने की तमन्ना है तेरे संग

जवानी ऐसी हो गई कहानी सी समागई
बूंद-ए-पसीने की तमन्ना है तेरे संग

बसंती कली आ'गई नाचीज़ हो गएँ हम
फूलों की महिने की तमन्ना है तेरे संग

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